समुंदर के किनारे खड़े
खामोशी में दिल ये कहे
दिल जानो जिगर से चाहा है तुझे
क्यूँ हो तब अब ऐथ पे अड़े
दिल लगाने की अब
कितनी दोगे तुम सज़ा
खुशी भी अब हमसे
लगती है कुछ खफा
इंतेज़ार अब इस बात का है मुझे
सब भुला के अब लगा ले गले
समुंदर के किनारे खड़े
खामोशी में दिल ये कहे
प्यार क्या है सिर्फ़ तुमसे ही जाना है
सच तो ये है की प्यार तुमसे फिर पाना है
दिल आवाज़ दे रहा है अब कह भी दे
रुसवाई को अब ना और तू तह दे
समुंदर के किनारे खड़े
खामोशी में दिल ये कहे
दिल जानो जिगर से चाहा है तुझे
क्यूँ हो तब अब ऐथ पे अड़े !!
खामोशी में दिल ये कहे
दिल जानो जिगर से चाहा है तुझे
क्यूँ हो तब अब ऐथ पे अड़े
दिल लगाने की अब
कितनी दोगे तुम सज़ा
खुशी भी अब हमसे
लगती है कुछ खफा
इंतेज़ार अब इस बात का है मुझे
सब भुला के अब लगा ले गले
समुंदर के किनारे खड़े
खामोशी में दिल ये कहे
प्यार क्या है सिर्फ़ तुमसे ही जाना है
सच तो ये है की प्यार तुमसे फिर पाना है
दिल आवाज़ दे रहा है अब कह भी दे
रुसवाई को अब ना और तू तह दे
समुंदर के किनारे खड़े
खामोशी में दिल ये कहे
दिल जानो जिगर से चाहा है तुझे
क्यूँ हो तब अब ऐथ पे अड़े !!
This is mine :@
ReplyDelete