My Poems
Wednesday, February 22, 2012
Shayari
फ़िज़ा कभी रंगीन नज़र आने लगे तो वो इश्क़ है
घनी धूप में भी अगर इंद्रधानी दिख जाए तो वो इश्क़ है
मुद्दत गुज़र जाए इंतज़ार में किसिके तो वो इश्क़ है
और बिन वार किए दिल में दर्द उठ जाए तो वो इश्क़ है !!!
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