एहसास पानी की लहरों के साथ बहने वाली रेत की तरह है
जो लहरों के साथ किनारों पे चल तो आती है
पर फिर कभी पानी की गहराइयों को छू नही पाती
गहराइयों को गर वो छू जाए तो ही वो भावनायें कहलाती हैं !!
जो लहरों के साथ किनारों पे चल तो आती है
पर फिर कभी पानी की गहराइयों को छू नही पाती
गहराइयों को गर वो छू जाए तो ही वो भावनायें कहलाती हैं !!
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