आँसू उन मोतियों की तरह होते हैं जो
मालाओं से निकालकर बिखर जाते हैं
मोती तो फिर भी पिरोए जा सकते हैं लेकिन
उन आँसुओं का क्या जो भावनाओं की गहराई में
हमेशा के लिए बह जाते हैं !!
मालाओं से निकालकर बिखर जाते हैं
मोती तो फिर भी पिरोए जा सकते हैं लेकिन
उन आँसुओं का क्या जो भावनाओं की गहराई में
हमेशा के लिए बह जाते हैं !!
No comments:
Post a Comment