ज़िंदगी वो है जो धीरे धीरे आती है और बड़ी जल्द चली जाती है
रह जाता है तो यादों का एक लंबा सिलसिला जो छोढ़ जाता है वो कुछ पल जो
यादगार कहलाते है और अपने अंदर सिमेटे कयी दर्द और खुशियों को हमेशा याद दिला जाते हैं और शायद इसलिए सिलसिलो से यादें और यादों से लम्हे और लम्हों से वो यादगार बन जाते हैं !!
रह जाता है तो यादों का एक लंबा सिलसिला जो छोढ़ जाता है वो कुछ पल जो
यादगार कहलाते है और अपने अंदर सिमेटे कयी दर्द और खुशियों को हमेशा याद दिला जाते हैं और शायद इसलिए सिलसिलो से यादें और यादों से लम्हे और लम्हों से वो यादगार बन जाते हैं !!
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